
कोटा। सामान्य श्रेणी के यात्रियों को टिकट खिड़कियों पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत देने तथा डिजिटल टिकटिंग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेलवे द्वारा यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप, स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) एवं रेलवन मोबाइल ऐप के माध्यम से टिकट बुकिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस दिशा में पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के स्टेशनों पर यात्रियों को जागरूक करने हेतु निरंतर अभियान चलाया जा रहा है।
डिजिटल टिकटिंग के प्रति यात्रियों की बढ़ती रुचि का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में नवंबर 2025 तक कोटा मंडल में एटीवीएम के माध्यम से कुल 28 लाख 57 हजार 192 अनारक्षित टिकट जारी किए गए, जबकि यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के माध्यम से 4 लाख 44 हजार 800 टिकट बुक किए गए हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि यात्री तेजी से डिजिटल माध्यमों को अपना रहे हैं।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के माध्यम से यात्री अपने मोबाइल फोन से अनारक्षित यात्रा टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट तथा मासिक सीजन टिकट का बुकिंग एवं नवीनीकरण बिना कतार में लगे कुछ ही क्षणों में कर सकते हैं। ऐप डाउनलोड कर मोबाइल नंबर, नाम एवं जन्मतिथि दर्ज करने के बाद ओटीपी सत्यापन से पंजीकरण पूर्ण हो जाता है, जिसके उपरांत यात्री आईडी व पासवर्ड से लॉग इन कर टिकट बुक कर सकते हैं।
उन्होंने आगे बताया कि डिजिटल टिकटिंग को और अधिक प्रोत्साहित करने की दिशा में रेलवे द्वारा एक नई पहल के अंतर्गत रेलवन मोबाइल ऐप के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक करने पर यात्रियों को 3 प्रतिशत की सीधी छूट प्रदान की जा रही है। यह प्रायोगिक सुविधा 14 जनवरी 2026 से आगामी छह माह, अर्थात 14 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि 14 जनवरी 2026 से रेलवन ऐप पर आर-वॉलेट को छोड़कर सभी डिजिटल भुगतान माध्यमों से अनारक्षित टिकट बुक करने पर यात्रियों को टिकट मूल्य पर 3 प्रतिशत की सीधी छूट मिलेगी, जबकि आर-वॉलेट के माध्यम से बुकिंग की स्थिति में पूर्ववत 3 प्रतिशत बोनस कैशबैक की व्यवस्था जारी रहेगी। इस प्रायोगिक योजना की समीक्षा अवधि पूर्ण होने के बाद सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम द्वारा की जाएगी।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि डिजिटल टिकटिंग से यात्रियों को समय की बचत, खुल्ले पैसे की समस्या से राहत तथा पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिलेगा। साथ ही टिकट खिड़कियों पर भीड़ कम होने से संचालन व्यवस्था भी अधिक सुचारु होगी। रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों से अपील की गई है कि वे यूटीएस, एटीवीएम एवं रेलवन ऐप जैसी डिजिटल सुविधाओं का अधिकाधिक उपयोग करें।





