*राजस्थान की बेटी धोली मीणा ने रचा इतिहास इक्वाडोर के 19 हजार फीट ऊंचे माउंट कायम्बे पर फहराया तिरंगा, ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला*

दौसा:-राजस्थान की साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर धोली मीणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर में स्थित 19 हजार फीट ऊंचे माउंट कायम्बे (Cayambe Volcano) पर सफल चढ़ाई कर उन्होंने इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वे पहली भारतीय महिला बन गई हैं।
माउंट कायम्बे दुनिया की एकमात्र ऐसी बर्फीली चोटी है, जो ठीक भूमध्य रेखा (Equator) पर स्थित है। अत्यधिक ठंड, ग्लेशियरों की ढलानें, गहरी दरारें (क्रेवास) और लगातार बदलते मौसम के बीच यह चढ़ाई बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। कई महीनों की कड़ी ट्रेनिंग और ऊंचाई के अनुरूप खुद को ढालने के बाद धोली मीणा ने इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया।
शिखर पर पहुंचते ही उन्होंने “जय भारत” का उद्घोष करते हुए तिरंगा फहराया। इस दौरान भावुक होकर उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि उन तमाम ग्रामीण और आदिवासी बेटियों की है, जो बड़े सपने देखती हैं लेकिन संसाधनों और सामाजिक रूढ़ियों के कारण पीछे रह जाती हैं।
धोली मीणा दौसा जिले की रहने वाली हैं। इससे पहले भी वे माल्टा और इटली जैसे देशों में भारत की संस्कृति और मीणा आदिवासी परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत कर चुकी हैं। उन्होंने पारंपरिक मीणा लहंगा-लुगड़ी को वैश्विक पहचान दिलाने का कार्य किया है।
धोली मीणा के पति लोकेश कुमार मीणा वर्तमान में इक्वाडोर की राजधानी क्विटो स्थित भारतीय दूतावास में कार्यकारी राजदूत के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। धोली मीणा की इस उपलब्धि पर राजस्थान सहित देशभर में खुशी का माहौल है और उन्हें बधाइयों का तांता लग रहा है।
उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि अगर हौसला और दृढ़ संकल्प हो तो कोई भी सीमा बाधा नहीं बन सकती। उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।




