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Madvi Hidma Killed: कुख्यात नक्सली हिडमा मारा गया, एक करोड़ रुपये का था इनामी

हिडमा सेंट्रल कमेटी मेंबर था और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का प्रमुख भी था। हिडमा पर कम से कम 26 हमलों की साजिश और नेतृत्व करने का आरोप था।

Madvi Hidma Killed: सुरक्षा बलों ने मंगलवार सुबह कुख्यात नक्सली माडवी हिडमा (51) सहित छह को आंध्र प्रदेश में एक मुठभेड़ में मार गिराया। हिडमा उर्फ संतोष अपनी पत्नी और अन्य साथियों के साथ छत्तीसगढ़ से भाग रहा था। अधिकारियों ने बताया कि सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेडुमल्ली जंगल में सुरक्षा बलों ने हिडमा और उसके साथियों को घेर लिया और मुठभेड़ में मार गिराया।

देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी व गृहमंत्री अमित शाह जी की इच्छा शक्ति के बल पर भारत मे माओवादी लाल माओवादी आंतकवाद अब अपने अंतिम दिन गिन रहा है आज सुरक्षा बलों को ऐतिहासिक सफलता मिली एक करोड का ईनामी व 76जवानो का हत्यारा आज आंधप्रदेश की सीमा के पास मारा गया जहां माओवादियों को एक बड़ा झटका लगा है। शीर्ष माओवादी नेता आज सुरक्षा बलो द्वारा मारा गया । हिडमा के साथ उसकी पत्नी हेमा भी आंध्र प्रदेश-तेलंगाना सीमा पर हुई मुठभेड़ में मारी गई है। हालांकि आंध्र प्रदेश के डीजीपी हरीश गुप्ता ने औपचारिक घोषणा नहीं की है लेकिन उन्होंने सुबह कॉम्बिंग के बारे में जानकारी दी थी। बता दें कि माओवादी हिडमा पर लगभग 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।इस मुठभेड़ मे : कुल 6 माओवादी ढेर

जानकारी के मुताबिक सुबह 6 से 7 बजे के बीच पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। आंध्र प्रदेश की सीमा से लगे जंगलों में माओवादियों की बढ़ती गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया। इसके बाद माओवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि इस मुठभेड़ में हिडमा और हेमा के साथ ही उन्हें सुरक्षा प्रदान कर रहे चार अन्य माओवादी भी मारे गए।

 

कौन था मुरिया हिडमा?

बता दें कि छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पुववर्ती गांव की आदिवासी जनजाति मुरिया से माड़वी हिडमा ताल्लुक रखता है। वह बाल संघ के जरिए माओवादी पार्टी में शामिल हुआ। अपने लोगों में विचारों का संचार करने वाले हिडमा ने माओवादियों द्वारा संचालित एक स्कूल में अपने विचारों की शुरुआत की। उसने किशन जी उर्फ भद्रन्ना के नेतृत्व में सशस्त्र संघर्ष में कदम रखा।

 

76 जवानों की हत्या में था हाथ

जब हिडमा जेगुरुगोंडा क्षेत्र बल का कमांडर था, तब उसने वरिष्ठ नेता नंबाला केशव राव के नेतृत्व में चिंतलनार-टेकुमेटला हमले का नेतृत्व किया। इस हमले में 76 CRPF जवान मारे गए। इसके बाद हिडमा को माओवादी पार्टी में खास पहचान मिली। लगभग 25 साल पहले छिपने वाला हिडमा उस समय माओवादी पार्टी की केंद्रीय समिति का सबसे कम उम्र का सदस्य था। बता दें कि पिछले हफ्ते छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम ने हिडमा की मां से मुलाकात की थी और हिडमा के सरेंडर की बात कही थी हिडमा की मौत माओवादियों को एक बड़ा झटका है। हिडमा के साथ उसकी पत्नी हेमा भी आंध्र प्रदेश-तेलंगाना सीमा पर हुई मुठभेड़ में मारी गई है। हालांकि आंध्र प्रदेश के डीजीपी हरीश गुप्ता ने औपचारिक तौर पर अब तक नहीं की है, लेकिन उन्होंने सुबह कॉम्बिंग के बारे में जानकारी दी थी। बता दें कि माओवादी हिडमा पर लगभग 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था कुल 6 माओवादी ढेर

जानकारी के मुताबिक सुबह 6 से 7 बजे के बीच पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। आंध्र प्रदेश की सीमा से लगे जंगलों में माओवादियों की बढ़ती गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया। इसके बाद माओवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि इस मुठभेड़ में हिडमा और हेमा के साथ ही उन्हें सुरक्षा प्रदान कर रहे चार अन्य माओवादी भी मारे गए।

 

कौन था मुरिया हिडमा?

बता दें कि छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पुववर्ती गांव की आदिवासी जनजाति मुरिया से माड़वी हिडमा ताल्लुक रखता है। वह बाल संघ के जरिए माओवादी पार्टी में शामिल हुआ। अपने लोगों में विचारों का संचार करने वाले हिडमा ने माओवादियों द्वारा संचालित एक स्कूल में अपने विचारों की शुरुआत की। उसने किशन जी उर्फ भद्रन्ना के नेतृत्व में सशस्त्र संघर्ष में कदम रखा।

76 जवानों की हत्या में था हाथ

जब हिडमा जेगुरुगोंडा क्षेत्र बल का कमांडर था, तब उसने वरिष्ठ नेता नंबाला केशव राव के नेतृत्व में चिंतलनार-टेकुमेटला हमले का नेतृत्व किया। इस हमले में 76 CRPF जवान मारे गए। इसके बाद हिडमा को माओवादी पार्टी में खास पहचान मिली। लगभग 25 साल पहले छिपने वाला हिडमा उस समय माओवादी पार्टी की केंद्रीय समिति का सबसे कम उम्र का सदस्य था। बता दें कि पिछले हफ्ते छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम ने हिडमा की मां से मुलाकात की थी और हिडमा के सरेंडर की बात कही थी। सुरक्षा बलों को आज पुख्ता सूचना मिली कि आंधप्रदेश मे नस्कलवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के नस्कलवादी घुसपैठ कर रहे हैं इस पर सुरक्षाबलों ने आंधप्रदेश की सीमा के पास स्थित जंगलों मे घेराबंदी कर सर्चिंग अभियान चलाया जिस पर सुबह छह से सात के बीच मे हिडमा अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ सुरक्षाबलों की घेराबंदी मे फंस गया दोनों तरफ गोलाबारी हुई इसमें एक करोड का कट्टर नस्कलवादी हिडमा अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मारा गया।

हिडमा करीब पच्चीस साल से जंगल मे एक्टिव था यह अपनी गतिविधियों को जंगल के सुरक्षित ठिकानों से संचालित करता था इसके कारण वो अभी तक बचा हुआ था पर कहते हैं कि आंतकवादी व अपराधी यदि अपने कार्य नही छोड़ता एक दिन सुरक्षाबलों की गोली का निशाना बंधता हो इस मुठभेड़ मे हिडमा की पत्नी भी मारी गई

 

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